गुरु घासीदास पार्क से 35 बंदर शिफ्ट, उत्पाती बंदरों से मिलेगी राहत

मनेंद्रगढ़

चिरमिरी क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती तादाद लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बनी हुई थी. आए दिन लोग इनके आतंक से परेशान रहते थे. कभी ये बंदर घरों में घुस जाते, तो कभी खेतों में नुकसान पहुंचाते थे. कई बार तो राहगीरों और बच्चों पर हमला करने की भी शिकायतें आती थीं. इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेंद्रगढ़ के डीएफओ मनीष कश्यप को अभियान चलाने के निर्देश दिए.

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35 बंदरों को गुरु घासीदास पार्क में छोड़ा गया
वन विभाग की टीम ने अब तक 35 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से गुरु घासीदास पार्क में छोड़ा है. वहां उनके लिए प्राकृतिक माहौल और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है. विभाग की इस पहल से न सिर्फ शहरवासियों को राहत मिली है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण का भी संदेश गया है. डीएफओ मनीष कश्यप ने स्पष्ट किया कि किसी भी वन्य जीव को नुकसान पहुंचाए बिना इस अभियान को अंजाम दिया जा रहा है. उनका कहना है कि वन्य जीव भी प्रकृति का हिस्सा हैं और उनका संरक्षण करना विभाग की जिम्मेदारी है.

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प्रशासन की कार्रवाई से चिरमिरी में राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब वन विभाग ने इतनी बड़ी समस्या पर ठोस कदम उठाया है. लोगों ने डीएफओ मनीष कश्यप और उनकी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयास से चिरमिरी में राहत का माहौल है. इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि अगर जिम्मेदारी और गंभीरता से पहल की जाए तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है.

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वन विभाग का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जल्द ही चिरमिरी को बंदरों की समस्या से पूरी तरह निजात मिलने की उम्मीद है. यह पहल न केवल लोगों की सुविधा के लिए कारगर है बल्कि पर्यावरण संतुलन और वन्य जीव संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.

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